श्री शिव महिम्नः स्तोत्रं

शिव भक्तिस्तोत्रं

महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी,स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः |अथाऽवाच्यः सर्वः स्वमतिपरिणामावधि गृणन्ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवादः परिकरः || अतीतः पंथानं तव च महिमा वाङ्मनसयोः,अतद्व्यावृत्त्या यं चकितमभिधत्ते श्रुतिरपि |स कस्य स्तोत्रव्यः कतिविधगुणः कस्य विषयःपदे त्वर्वाचीने पतति न मनः कस्य न वचः || मधुस्फीता वाचः परमममृतं निर्मि

Read More

ओम जय लक्ष्मी माता- आरती

आरती

ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता, मैय्या तुम ही जग माता।सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥ दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता, मैय्या सुख संपत्ति पाता।जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ओम जय लक्ष्मी माता॥ तुम पाताल-न

Read More

श्री नारायण हृदयम् स्तोत्रम्

विष्णु आराधनास्तोत्रं

श्री नारायण हृदयम् स्तोत्रम् एक सिद्ध और गुप्त स्तोत्र है। इसके विषय में अधिक लोग नही जानते। इसका पाठ श्री लक्ष्मी हृदयम् स्तोत्रम् के साथ किया जाता है। जानियें श्री नारायण हृदयम् स्तोत्रम् का पाठ कैसे करें? और इसका क्या महत्व (लाभ) है? श्री नारायण हृदयम् स्तोत्रम् एक दिव्य और सच्चा स्तोत्र माना जाता है। […]

Read More

श्री शिव जी – आरती

आरती

ॐ जय शिव ओंकारा, भोले हर शिव ओंकारा।ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ॐ हर हर हर महादेव…॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे।हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ॐ हर हर हर महादेव..॥ दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।तीनों रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ॐ हर हर हर महादेव..॥ अक्षमाला बनमाला मुण्डमाला धारी।चंदन मृगमद सोहै भोले शशिधारी […]

Read More

जय अम्बे गौरी- आरती

आरती

जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ॐ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत,टीको मृगमद को ।उज्ज्वल से दोउ नैना,चंद्रवदन नीको ॥ॐ जय अम्बे गौरी..॥ कनक समान कलेवर,रक्ताम्बर राजै ।रक्तपुष्प गल माला,कंठन पर साजै ॥ॐ जय अम्बे गौरी..॥ केहरि वाहन राजत,खड्ग खप्पर धारी ।सुर-नर-मुनिजन सेवत,तिनके दुखहारी ॥ॐ जय अम्बे गौरी..॥ क

Read More

सन्तोषी माता आरती

आरती

जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ।अपने सेवक जन की,सुख सम्पति दाता ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ सुन्दर चीर सुनहरी,मां धारण कीन्हो ।हीरा पन्ना दमके,तन श्रृंगार लीन्हो ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ गेरू लाल छटा छबि,बदन कमल सोहे ।मंद हंसत करुणामयी,त्रिभुवन जन मोहे ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी […]

Read More

श्री शनिदेव – आरती

आरती

आरती कीजै नरसिंह कुंवर की ।वेद विमल यश गाउँ मेरे प्रभुजी ॥ पहली आरती प्रह्लाद उबारे ।हिरणाकुश नख उदर विदारे ॥ दुसरी आरती वामन सेवा ।बल के द्वारे पधारे हरि देवा ॥ तीसरी आरती ब्रह्म पधारे ।सहसबाहु के भुजा उखारे ॥ चौथी आरती असुर संहारे ।भक्त विभीषण लंक पधारे ॥ पाँचवीं आरती कंस पछारे ।गोपी […]

Read More

श्री हनुमान – आरती

आरती

॥ श्री हनुमंत स्तुति ॥मनोजवं मारुत तुल्यवेगं,जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं,श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥ ॥ आरती ॥आरती कीजै हनुमान लला की ।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥ जाके बल से गिरवर काँपे ।रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥अंजनि पुत्र महा बलदाई ।संतन के प्रभु सदा सहाई ॥ आरती कीजै हनुमान लला की ॥ दे […]

Read More

जय लक्ष्मी रमणा – आरती

आरती

जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।सत्यनारायण स्वामी,जन पातक हरणा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्‍‌न जडि़त सिंहासन,अद्भुत छवि राजै ।नारद करत निराजन,घण्टा ध्वनि बाजै ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । प्रकट भये कलि कारण,द्विज को दर्श दियो ।बूढ़ा ब्राह्मण बनकर,कंचन महल कियो ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी […]

Read More

गणेश जी की – आरती

आरती

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत,चार भुजा धारी ।माथे सिंदूर सोहे,मूसे की सवारी ॥ जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥ पान चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा ।लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा ॥ जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता […]

Read More
Page 1 of 3