वक्रतुण्ड महाकाय – गणेश मंत्र
किसी भी प्रकार के कार्य प्रारंभ करने के पूर्व श्री गणेश जी का स्मरण इस मंत्र के साथ अवश्य करना चाहिए, आपके शुभकार्य निश्चित ही
धर्म – आस्था- ज्ञान
किसी भी प्रकार के कार्य प्रारंभ करने के पूर्व श्री गणेश जी का स्मरण इस
भगवान श्री विष्णु के एक हजार नामों की महिमा अवर्णनीय है। इन नामों का संस्कृत
नृसिंह कवचम वक्ष्येऽ प्रह्लादनोदितं पुरा ।सर्वरक्षाकरं पुण्यं सर्वोपद्रवनाशनं ॥ सर्वसंपत्करं चैव स्वर्गमोक्षप्रदायकम ।ध्यात्वा नृसिंहं देवेशं
हरिः ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम् ।चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥१॥ तां म आवह
श्री महालक्ष्म्यष्टकम् का पाठ करने से सारे संकट एवं दरिद्रता का नाश होता है, यह
प्रमुख अठारह पुराणों में से एक मार्कंडेय पुराण के अंतर्गत देवी कवच (दुर्गा कवच) श्री दुर्गा
सरस्वती त्वयं दृष्ट्या वीणापुस्तकधारिणीम्।हंसवाहसमायुक्तां विद्यादानकरी मम॥ १॥ प्रथमं भारती नाम द्वितीयं च सरस्वती।तृतीयं शारदा देवी
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