श्री महालक्ष्म्यष्टकम् का पाठ करने से सारे संकट एवं दरिद्रता का नाश होता है, यह इंद्र देव द्वारा माता महालक्ष्मी…
संस्कार : धर्म - ज्ञान और आस्था
“यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥” संसार में जब अन्याय, पाप और अधर्म बढ़ जाता है, तब ईश्वर किसी न किसी रूप में आकर धर्म की रक्षा करते हैं और लोगों को सही मार्ग दिखाते हैं।
श्री शिव महिम्नः स्तोत्रं
महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी,स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः |अथाऽवाच्यः सर्वः स्वमतिपरिणामावधि गृणन्ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवादः परिकरः || अतीतः पंथानं तव च…
श्री विष्णु सहस्रनाम:
भगवान श्री विष्णु के एक हजार नामों की महिमा अवर्णनीय है। इन नामों का संस्कृत रूप विष्णुसहस्रनाम के प्रतिरूप में…
