मंत्र एवं जाप
देवी सिद्ध संपुट मंत्र
श्रीमार्कण्डेयपुराणान्तर्गत देवी माहात्म्य में ‘श्लोक’, ‘अर्ध श्लोक’ और ‘उवाच’ आदि मिलाकर 700 मन्त्र हैं। यह माहात्म्य दुर्गासप्तशती के नाम से प्रसिद्ध है। सप्तशती अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष – चारों पुरुषार्थों को प्रदान करनेवाली है। जो पुरुष जिस भाव और जिस कामना से श्रद्धा एवं विधिके साथ सप्तशती का पारायण करता है, उसे उसी भावना और […]
श्री एक श्लोकी विष्णुसहस्रनाम
नमोस्त्वनन्ताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षी शिरोरु बाहवे । सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नमः ॥ अर्थ :
एकश्लोकी सुन्दरकाण्ड
यस्य श्रीहनुमाननुग्रहबलात्तीर्णाम्बुधिर्लीलयालङ्कां प्राप्य निशाम्यरामदयिताम्भङ्क्त्वा वनं राक्षसान् ।अक्षादीन् विनिहत्यवीक्ष्य दशकम्दग्ध्वा पुरीं तां पुनःतीर्णान्धिः कपिभिर्युतोयमनमत् तं रामचन्द्रं भजे ॥
एक श्लोकी भागवत
आदौ देवकीदेविगर्भजननंगोपীগृहे वर्धनम्।मायापूतनजीवितापहरणंगोवर्धनोद्धारणम्॥ कंसच्छेदन कौरवादिहननंकुंतीसुतपालनम्।एतद्भागवतं पुराणकथितंश्रीकृष्णलीलामृतम्॥ एक श्लोकी भागवत – सरल हिंदी अर्थ: इस एक श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण के पूरे जीवन की मुख्य लीलाओं का संक्षेप में वर्णन किया गया है— 👉 इस प्रकार, इस श्लोक में श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण की सभी प्रमुख लीलाओं का सार बताया गया है, जिसे “श्रीकृष्ण […]