आदौ देवकीदेविगर्भजननं
गोपীগृहे वर्धनम्।
मायापूतनजीवितापहरणं
गोवर्धनोद्धारणम्॥
कंसच्छेदन कौरवादिहननं
कुंतीसुतपालनम्।
एतद्भागवतं पुराणकथितं
श्रीकृष्णलीलामृतम्॥
एक श्लोकी भागवत – सरल हिंदी अर्थ:
इस एक श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण के पूरे जीवन की मुख्य लीलाओं का संक्षेप में वर्णन किया गया है—
- सबसे पहले माता देवकी के गर्भ में भगवान का जन्म हुआ।
- फिर वे गोकुल (गोपियों के घर) में पले-बढ़े।
- उन्होंने राक्षसी पूतना का वध किया (जो उन्हें मारने आई थी)।
- इसके बाद उन्होंने गोवर्धन पर्वत उठाकर इन्द्र के क्रोध से सभी की रक्षा की।
- आगे चलकर उन्होंने कंस का वध किया और
- महाभारत युद्ध में कौरवों का नाश कराया।
- साथ ही कुंती के पुत्रों (पांडवों) की रक्षा और पालन किया।
👉 इस प्रकार, इस श्लोक में श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण की सभी प्रमुख लीलाओं का सार बताया गया है, जिसे “श्रीकृष्ण की लीलाओं का अमृत” कहा गया है।