अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कंबलम्।
शंखपालं धार्तराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः॥
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥
अर्थ:
अनन्त, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कंबल, शंखपाल, धार्तराष्ट्र, तक्षक और कालिय – ये नौ महान नागों के नाम हैं। जो व्यक्ति इनका नित्य प्रातः और सायं स्मरण करता है, उसे विष का भय नहीं रहता और वह हर जगह विजय प्राप्त करता है।