ॐ जय जगदीश हरे- आरती

ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे ॥ ॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥जो ध्यावे फल पावे,दुःख बिनसे मन का,स्वामी दुःख…

श्री एक श्लोकी विष्णुसहस्रनाम

नमोस्त्वनन्ताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षी शिरोरु बाहवे । सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नमः ॥ अर्थ : हे कमलापति, लक्ष्मीपति विष्णु, आप (अनंत) हजारो रूप वाले है हजारो हाथ,…

एकश्लोकी सुन्दरकाण्ड

यस्य श्रीहनुमाननुग्रहबलात्तीर्णाम्बुधिर्लीलयालङ्कां प्राप्य निशाम्यरामदयिताम्भङ्क्त्वा वनं राक्षसान् ।अक्षादीन् विनिहत्यवीक्ष्य दशकम्दग्ध्वा पुरीं तां पुनःतीर्णान्धिः कपिभिर्युतोयमनमत् तं रामचन्द्रं भजे ॥

एक श्लोकी भागवत

आदौ देवकीदेविगर्भजननंगोपীগृहे वर्धनम्।मायापूतनजीवितापहरणंगोवर्धनोद्धारणम्॥ कंसच्छेदन कौरवादिहननंकुंतीसुतपालनम्।एतद्भागवतं पुराणकथितंश्रीकृष्णलीलामृतम्॥ एक श्लोकी भागवत – सरल हिंदी अर्थ: इस एक श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण के पूरे जीवन की मुख्य लीलाओं का संक्षेप में वर्णन किया…

नाग मन्त्र स्तोत्र:

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कंबलम्।शंखपालं धार्तराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥ एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।सायंकाले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः॥ तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥ अर्थ:अनन्त, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कंबल,…

श्री शिव रुद्राष्टकम्

॥ अथ रुद्राष्टकम् ॥ नमामीशमीशान निर्वाणरूपम्।विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम्।निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं।चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम्॥1॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयम्।गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम्।करालं महाकालकालं कृपालं।गुणागारसंसारपारं नतोऽहम्॥2॥ तुषाराद्रिसंकाशगौरं गभीरम्।मनःभूतकोटि प्रभाश्रीशरीरम्।स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगंगा।लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजंगा॥3॥ चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालम्।प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्।मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालम्।प्रियं…

नील सरस्वती स्तोत्र

घोररूपे महारावे सर्वशत्रुभयंकरि।भक्तेभ्यो वरदे देवि त्राहि मां शरणागतम्॥1॥ ॐ सुरासुरार्चिते देवि सिद्धगन्धर्वसेविते।जाड्यापहारे देवि त्राहि मां शरणागतम्॥2॥ जटाजूटसमायुक्ते लोलजिह्वान्तकारिणि।द्रुतबुद्धिकरे देवि त्राहि मां शरणागतम्॥3॥ सौम्यक्रोधधरे रूपे चण्डरूपे नमोऽस्तु ते।सृष्टिरूपे नमस्तुभ्यं त्राहि मां…

॥ ॐ शिव रक्षा स्तोत्र ॥

॥ ॐ शिव रक्षा स्तोत्र ॥ चरितं देवदेवस्य महादेवस्य पावनम्।अपारं परमादारं चतुर्वर्गस्य साधनम्॥1॥ गौरीविनायकयोर्वन्द्यं पंचवक्त्रं त्रिनेत्रकम्।शिवं ध्यायेद्दशभुजं शिवरक्षां पठेन्नरः॥2॥ गंगाधरं शिरः पातु भालं अर्धेन्दुशेखरः।नयनें मदनध्वंसी कर्णो सर्पविभूषणः॥3॥ घ्राणं पातु पुरारातिर्मुखं…

वक्रतुण्ड महाकाय – गणेश मंत्र

किसी भी प्रकार के कार्य प्रारंभ करने के पूर्व श्री गणेश जी का स्मरण इस मंत्र के साथ अवश्य करना चाहिए, आपके शुभकार्य निश्चित ही सिद्ध होंगे।वक्रतुण्ड महाकायसूर्यकोटि समप्रभ ।निर्विघ्नं…

श्री विष्णु सहस्रनाम:

भगवान श्री विष्णु के एक हजार नामों की महिमा अवर्णनीय है। इन नामों का संस्कृत रूप विष्णुसहस्रनाम के प्रतिरूप में विद्यमान है। श्री विष्णुसहस्रनाम पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य,…